एक बिहारी सौ बीमारी...

>> Wednesday 5 March 2008

' एक बिहारी - सौ बीमारी,
दो बिहारी - लड़ाई की तैयारी,
तीन बिहारी - ट्रेन हमारी,
पांच बिहारी - सरकार हमारी,
चक दे फट्टे
बिहारी भगाओ - पंजाब बचाओ'
तथाकथित बूढा शेर ऊज्ही हरकतों पे आ गया है. आये भी क्यों न बोधा होने के बाद भी भूख तो लगती ही है. और इस तथाकथित शेर की औलाद तो इस काबिल है नहीं की उसे खिला सके इसलिए उसे ही कुछ करना पड़ेगा.....
लेकिन चाचा भतीजे की इस जंग ने देश को सर्वनाश की और धकेलने की तयारी कर दी है.... कल तक यह लोग मुसलमानों की कौम के खिलाफ 'फतवे' निकाला करते थे और वे बिहारियों के खिलाफ काला जहर फैला रहे हैं...
लेकिन कभी सोचा भी होगा उन्होने कि क्यों बिहार के छोटे से गाँव में रहना वाला गरीब आदमी हजारों किलोमीटर दूर अपमानित होने के लिए आजाता है....
लेकिन वे क्यों सोचने लगें उन्हें क्या पता कि 'मातोश्री' कि नींव के निचे कितने बिहारियों का खून छिड़का गया होगा तब जाकर कहीं उनकी भगवा पोशाक बनी होगी.... अपने सिंहाशन पर बेड कर वे कहते हैं कि हम एक कैमरे पर interview नहीं देते...दो कैमरे लेकर आओ......
उनकी तो छोडिये उन्होने तो जीवन भर लोगों का खून ही पिया है... यह जो बिहारी रहनुमा है न उन्ही कि वजह से एक बिहारी को अपमान का घूँट पीना पड़ता है....
मैं मूलत: हिमाचल का रहने वाला हूँ.... हमारे यहाँ दैनिक मजदूरी ९० रुपये है.... उसपर स्थानीय मजदूर नोऊ बजे आये अहं और पांच बजे चले जाते हैं और दोपहर को उन्हें खाना चाहिए इतना ही नहीं दिन में कई बार चाए पिलानी पड़ती है यानी कुल मिला कर ४-५ घंटे ही काम होता है लेकिन इससे कहीं कम दाम पर अगर बिहारी भाई १४-१५ घंटे काम कर दें तो हम उन्ही से काम करवाएंगे ना.....
कभी कोई मिले आपको बिहारी तो पूछना क्यों आगये हो इधर, वो बेचारा बता भी नहीं पाएगा कि क्यों मैं दरभंगा के छोटे से गाँव से भाग आया क्योंकि कमाऊ बाप को नक्सलियों ने मार दिया और मुआवजा पेंशन कोई नेता चारे में मिला कर खा गया...... जमीन 'समाजसेवकों' ने 'दान' में ले ली....अब सोचता हूँ कि आत्मा और शरीर को साथ रख सकूं इसलिए यहाँ आ गया....
बिहारियों कि सबसे बड़ी परेशानी यही ki उनके नेताओं ने गरीबी दूर तो कि लेकिन सिर्फ अपनी....काश वे भी 'मराठी' होते....ऐसा कोई गरीब कहता होगा कि किडनी चोर 'डाक्टर अमित' को भिअभी पकडा जाना था वर्ना हम भी अपनी किडनी बेच कर बिहार चले जात्ते....
बिहारियों कि परेशानी यही कि उनके नेताओं ने गरीबी दूर तो लेकिन सिर्फ अपनी...
काश वे भी मराठी होते...

12 comments:

राज भाटिय़ा 5 March 2008 at 11:58 PM  

सुनील बिलकुल सच लिखा हे,कहते हे एक लड्की पुरे खानदान की नाक कट्वा देती हे, वेसे ही एक बिहारी ने पुरे बिहार का सत्यनाश कर दिया,वेसे बिहारी हमारे अपने भाई हे.

Mired Mirage 6 March 2008 at 12:07 AM  

जिसको जहाँ काम मिलेगा वह जाएगा । जिसको जो मजदूर सस्ते में बढ़िया और अधिक काम करने वाला मिलेगा वह उसे ही काम पर रखेगा ।
घुघूती बासूती

आशीष 6 March 2008 at 12:25 AM  

दोस्‍त जालिम मेरे कई बिहारी दोस्‍त हैं लेकिन उन्‍हीं में से कुछ ऐसे भी हैं जो कि बिहार की बुराई सह नहीं पाते हैं। जब भी बहस होती है तो वो कहते हैं कि बिहार ने कई आंदोलन दिए, कई बड़े नेता दिए, ऐसे में बिहार को गाली मत दो। लेकिन मेरे दोस्‍तों से जब मैं पूछता हूं कि अब क्‍या हो रहा था तो वो शांत हो जाते हैं। हर व्‍यक्ति अपने जन्‍म स्‍थान से प्‍यार करता है लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं कि यदि मेरे गांव में या मेरे गांव के कुछ लोगों में कुछ कमियां हैं तो उसे मैं छुपाऊं।

आशीष 6 March 2008 at 12:26 AM  

एक बिहारी - सौ बीमारी,
दो बिहारी - लड़ाई की तैयारी,
तीन बिहारी - ट्रेन हमारी,
पांच बिहारी - सरकार हमारी,

कल से ऐसे चार एसएमएस आ चुके हैं

सजीव सारथी 6 March 2008 at 2:47 AM  

बढ़िया लिखा है जालिम....बात बिहार की बुरे और तारीफ की नही है सवाल यह है की क्या मुम्बई या महारास्त्रा ठाकरे खानदान की बपौती है, कौन होते हैं वो किसी भी हिन्दुस्तानी नागरिक को मुम्बई में आने से रोकने वाले...

Udan Tashtari 6 March 2008 at 5:08 PM  

उत्तम लेखन...मगर मुम्बई में जो हो रहा है वो ठीक नहीं/

Udan Tashtari 6 March 2008 at 5:08 PM  

उत्तम लेखन...मगर मुम्बई में जो हो रहा है वो ठीक नहीं/

Pramod Singh 6 March 2008 at 9:27 PM  

मगर जालिम काहे ला, भाई?

sfb 6 March 2008 at 11:52 PM  

bihari bhagao aur desh bachao. Lalu hatao aur bihar bachao.
Chara ghotala karke 1000 crore kamaya aur chale aaye duniya ko sikhane.

munish 20 March 2008 at 7:59 AM  

yaar tum kaafi aage jaaoge. sahi likhte ho.

bishu 2 January 2010 at 3:34 AM  

agar des ko bachana hai
to bal thakare,raj thakare ko
desh ki hit me jail jarur pahuchana hai ??.
lalu prasad to sirf bihar ko khaya
raj bal to desh ke naam per daba hai

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