महिला जो बनी महान!

>> Friday 14 March 2008

21वीं शताब्दी में भी भारत जैसे देश में एक औरत का आगे बदना बहुत कठिन होता है..भारत में ही क्यों कहीं भी. फिर बात अमरीका की हो या कहीं और की. लेकिन मैं आज एक ऐसी महिला की बात लेकर आया हूँ जो सचमुच ही आम से महान बन गयी है..

आज उस औरत ने एक ऐसा मुकाम पाया है जो कभी कोई नहीं पा सका..वो क्या है मैं बाद में बताऊंगा...उस महिला ने यूरोप के एक देश में जन्म लिया..यूरोप में ही शिक्षा प्राप्त की...फिर प्रेम विवाह किया....लेकिन एक दुसरे देश के आदमी के साथ..वो आदमी एक महान नाम से जुदा था लेकिन इस बारे में उस महिला को खबर नहीं थी... शादी के बाद वो 'हिंदुस्तान' आ गयी क्योंकि उसकी शादी एक हिन्दुस्तानी से हुई..वो लड़का भारत से जो था...लेकिन जिंदगी बहुत कठिन होती है...शादी के लिए उसने अपने यूरोपियन मन-बाप को तो मना लिया लेकिन मुसीबतों का असली दौर तो अभी बाकि था...शादी के लगभग १५-१६ साल बाद उसकी सास ने उसी की गोद में प्राण त्याग दिए...आंतकवादियों ने मार डाला...इसके कुछ ही साल बाद बेचारी के पति को भी मार डाला गया.. उस पर तो मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पडा...वो गुमनाम हो गयी.. लोग उसे भूल भी गए..शायद सोचा होगा कि वो लौट गयी होगी 'अपने' देश..लेकिन उसके लिए तो अब हिंदुस्तान ही उसका देश था..आखिर हो भी क्यों इसी के लिए तो वह अपना धर्म, देश छोड़ कर यहाँ आई थी.

उसके पति के साथियों ने उस पर बहुत दबाब डाला कि वो 'काम' संभल कर सब दुरुस्त करे..लेकिन उसका मन नहीं मान रहा था..... आप बताएं उसे 'काम' संभल लेना चाहिए था ना..

लेकिन उसे अपना मन बदलना पडा जब उसके काम ना सँभालने का असर पूरे देश पर पड़ने लगा..फिर उसने कमान अपने हाथों में ली और निकल पड़ी मैदान में..लेकिन लोगों ने उस अबला पर विदेशी होने कि तोहमत लगाई.. लेकिन उसने हार नहीं मणि और जब उसे अपार सफलता मिली तो उसने एक महान त्याग करते हुए 'फूलों के सेज ठुकरा दी...इस महिला का नाम मैंने ऊपर इसलिए नही बताया ताकि मुझ पर राजनीती कि मोहर ना लगा दी जाए.. सोनिया गाँधी को दस साल हो गए कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर...यह भी एक रिकार्ड है...

4 comments:

Anonymous 16 March 2008 at 11:13 PM  

क्या बात है सांप भी मार दिया और लाठी भी नहीं टूटी...

visfot 16 March 2008 at 11:15 PM  

वास्तव में सही बात है...राजनीती से ऊपर उठ कर सलाम करने की जरूरत है..

व्याकुल ... 17 April 2008 at 11:03 AM  

डोगरा जी..
बहुत खूब...सोनिया जी के जीवन को आपने बखूबी अभिव्यक्त किया है...वास्तव में ..सोनिया जी महिला शक्ति का एक अद्भुत उदाहरण है ...मगर यदि आप शुरू में भी उनका नाम जाहिर कर देते तो भी हम आप पर राजनीती की मोहर नहीं लगते ..क्योंकि सच्चाई तो सच्चाई है...फिर वो आप कहे या हम..क्यों..है न...

व्याकुल ... 17 April 2008 at 11:03 AM  

डोगरा जी..
बहुत खूब...सोनिया जी के जीवन को आपने बखूबी अभिव्यक्त किया है...वास्तव में ..सोनिया जी महिला शक्ति का एक अद्भुत उदाहरण है ...मगर यदि आप शुरू में भी उनका नाम जाहिर कर देते तो भी हम आप पर राजनीती की मोहर नहीं लगते ..क्योंकि सच्चाई तो सच्चाई है...फिर वो आप कहे या हम..क्यों..है न...

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